Marathi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • निवडणूक
  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपूर
  • क्रीडा
  • वर्ल्ड
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • लाइफ स्टाइल
  • व्हायरल
  • नवराष्ट्र विशेष
  • करिअर
  • फोटो
  • व्हिडिओ गॅलरी
  • वेबस्टोरीज़
  • ऑटोमोबाइल
  • विज्ञान तंत्रज्ञान
  • ई-पेपर
  • देश
  • शॉर्ट न्यूज़
  • महाराष्ट्र
  • राजकारण
  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपूर
  • लाइफ स्टाइल
  • क्रीडा
  • क्राईम
  • अन्य
    • विदेश
    • नवराष्ट्र विशेष
    • मनोरंजन
    • व्यापार
    • टेक
    • अन्य
      • वेब स्टोरीज
      • व्हायरल
      • करिअर
      • धर्म
      • ऑटोमोबाइल
      • फोटो
      • व्हिडिओ
      • सिनेमा
  • देश
  • शॉर्ट न्यूज़
  • राजकारण
  • महाराष्ट्र
  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपूर
  • क्रीडा
  • वर्ल्ड
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • धर्म
  • व्हायरल
  • व्हिडिओ
  • वेब स्टोरीज़
  • फोटो
In Trends:
  • raj thackeray |
  • IPL 2026 |
  • Marathi News |
  • crime news |
  • devendra fadnavis
Follow Us
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

महालक्ष्मी व्रतामध्ये देवीच्या या नामाचा जप करा

भाद्रपद महिन्यातील शुक्ल पक्षातील अष्टमी तिथीपासून महालक्ष्मी व्रत सुरू होते. 16 दिवसांच्या महालक्ष्मी व्रतामध्ये देवी लक्ष्मीची कृपा प्राप्त करण्यासाठी शास्त्रामध्ये काही ज्योतिषीय उपाय सांगण्यात आले आहेत, ज्यामुळे ती प्रसन्न होऊन भक्तांवर आशीर्वादाचा वर्षाव करतात.

  • By प्राजक्ता प्रधान
Updated On: Sep 13, 2024 | 04:55 AM
फोटो सौजन्य- istock

फोटो सौजन्य- istock

Follow Us
Close
Follow Us:

ज्योतिषशास्त्रात महालक्ष्मी व्रत फार महत्त्वाचे मानले जाते. देवी लक्ष्मीची कृपा मिळविण्यासाठी हे दिवस खूप खास आणि शुभ मानले जातात. अशा स्थितीत जो व्रत पूर्ण विधीपूर्वक करतो, त्याला सुख-समृद्धीचे आशीर्वाद प्राप्त होतात. भाद्रपद महिन्यातील शुक्ल पक्षातील अष्टमी तिथीपासून महालक्ष्मी व्रत सुरू होते आणि ती आश्विन अष्टमीच्या दिवशी संपते. हे व्रत 16 दिवस ठेवले जाते. या काळात तुम्ही लक्ष्मीच्या 108 नावांचा जप करू शकता, ज्यामुळे तुम्हाला धनाच्या देवतेचा अपार आशीर्वाद मिळतो.

हेदेखील वाचा- Chanakya Niti: पुरूषांच्या तुलनेत 4 गुणांनी अधिक समृद्ध आहेत महिला, कसे माहीत आहे का?

लक्ष्मी देवीची 108 नावे

1- ऊँ श्री अव्ययायै नम:

2- ऊँ श्री अच्युतायै नम:

3- ऊँ श्री अंशुभालिन्यै नम:

4- ऊँ श्री अपर्णायै नम:

5- ऊँ श्री अमृतावहायै नम:

6- ऊँ श्री अनुमत्यै नम:

7- ऊँ श्री आदित्यवर्णायै नम:

8- ऊँ श्री अरुणावत्यै नम:

9- ऊँ श्री कष्टगम्यायै नम:

10- ऊँ श्री कलंकरहितायै नम:

हेदेखील वाचा- घरच्या कुंडीत शमीचे रोप लावायचे आहे का? जाणून घ्या वास्तू नियम

11- ऊँ श्री कलावत्यै नम:

12- ऊँ श्री कामधेन्यै नम:

13- ऊँ श्री गम्भीरायै नम:

14- ऊँ श्री गरुडासनायै नम:

15- ऊँ श्री जगतप्रियायै नम:

16- ऊँ श्री धन्येशवर्यै नम:

17- ऊँ श्री घोरदुर्गति नाशिन्यै नम:

18- ऊँ श्री दैत्य दानव मर्दिन्यै नम:

19- ऊँ श्री खगवाहनायै नम:

20- ऊँ श्री जगतप्रियायै नम:

21- ऊँ श्री दारिद्रदु:ख शमन्यै नम:

22- ऊँ श्री त्रिगुणायै नम:

23- ऊँ श्री त्रीलोक्य सुन्दर्ये नम:

24- ऊँ श्री त्रेलोक्य होहियै नम:

25- ऊँ श्री दयामत्ये नम:

26- ऊँ श्री धर्मकामार्थमोक्षदायै नम:

27- ऊँ श्री धनदायै नम:

28- ऊँ श्री धनलक्ष्मीनायै नम:

29- ऊँ श्री पावनायै नम:

30- ऊँ श्री प्राणदायै नम:

31- ऊँ श्री पद्मायै नम:

32- ऊँ श्री प्रकृत्यै नम:

33- ऊँ श्री परमानन्दरुपिण्यै नम:

34- ऊँ श्री पावन्यै नम:

35- ऊँ श्री प्रत्यक्ष लक्ष्म्यै नम:

36- ऊँ श्री पदममाला विभूषितायै नम:

37- ऊँ श्री ब्रह्माण्डवासिन्यै नम:

38- ऊँ श्री भक्त वत्सलायै नम:

39- ऊँ श्री भयनाशनायै नम:

40- ऊँ श्री नित्यशुद्धायै नम:

41- ऊँ श्री निरामयायै नम:

42- ऊँ श्री नीरजायै नम:

43- ऊँ श्री नित्यपुष्टायै नम:

44- ऊँ श्री ब्रह्मवान्दितायै नम:

45- ऊँ श्री धनुर्लक्ष्मैये नम:

46- ऊँ श्री पुष्टिकर्यै नम:

47- ऊँ श्री महाविभव भूषणायै नम:

48- ऊँ श्री माधवप्रियायै नम:

49- ऊँ श्री मातृकायै नम:

50- ऊँ श्री वीरेश्वरायै नम:

51- ऊँ श्री ब्र्ह्मसहितायै नम:

52- ऊँ श्री मधुमत्यै नम:

53- ऊँ श्री मूल प्रकृत्यै नम:

54- ऊँ श्री भानुमत्यै नम:

55- ऊँ श्री सर्वास्त्र सुधारिणै नम:

56- ऊँ श्री सुरसुन्दयै नम:

57- ऊँ श्री चारूहासिने नम:

58- ऊँ श्री हिमशैलेन्द्र संकायै नम:

59- ऊँ श्री गजेन्द्र वाहनायै नम:

60- ऊँ श्री संर्वांगयोन्यै नम:

61- ऊँ श्री सम्प्रधानेर्श्वे नम:

62- ऊँ श्री विष्णुवक्ष:स्थल गतायै नम:

63- ऊँ श्री वास्तुदेवतायै नम:

64- ऊँ श्री मणिभूषायै नम:

65- ऊँ श्री रसनाप्राण दायित्ये नम:

66- ऊँ श्री तेजो लक्ष्म्यै नम:

67- ऊँ श्री सुखोदयायै नम:

68- ऊँ श्री सौम्य रुपायै नम:

69- ऊँ श्री स्वार्थ साधनकर्ये नम:

70- ऊँ श्री संपूर्ण मण्डलायै नम:

71- ऊँ श्री शंख भ्रदासन स्थितायै नम:

72- ऊँ श्री सिद्ध सेवितायै नम:

73- ऊँ श्री हिरण्यगर्भायै नम:

74- ऊँ श्री सर्वमंगल मांगल्यै नम:

75- ऊँ श्री सत्य संकलपायै नम:

76- ऊँ श्री शुभाकारायै नम:

77- ऊँ श्री सुरेन्द्र नीमतायै नम:

78- ऊँ श्री सुदुर्लभायै नम:

79- ऊँ श्री शुभमंगलायै नम:

80- ऊँ श्री व्योम मध्यस्थायै नम:

81- ऊँ श्री वसुमत्यै नम:

82- ऊँ श्री विजयायै नम:

83- ऊँ श्री वागीष्वर्ये नम:

84- ऊँ श्री विश्वरूपायै नम:

85- ऊँ श्री व्योमवारिण्यै नम:

86- ऊँ श्री विष्णु बल्लभायै नम:

87- ऊँ श्री विंध्यवासिन्यै नम:

88- ऊँ श्री सर्वमंगलायै नम:

89- ऊँ श्री सर्वकामप्रदायै नम:

90- ऊँ श्री सुवर्ण कमलासनायै नम:

91- ऊँ श्री सुखसौभाग्य सिद्धिदायै नम:

92- ऊँ श्री सर्वाभिलाष पूर्णेच्छायै नम:

93- ऊँ श्री शुद्धायै नम:

94- ऊँ श्री सर्वव्यापिने नम:

95- ऊँ श्री सनातनयै नम:

96- ऊँ श्री स्वरुपायै नम:

97- ऊँ श्री स्वर्गायै नम:

98- ऊँ श्री शाश्वत्यै नम:

99- ऊँ श्री सुप्रतिष्ठायै नम:

100- ऊँ श्री सर्वभूत महेश्वरये नम:

101- ऊँ श्री स्मपूर्णा नम:

102- ऊँ श्री सुरासुर वर प्रदायै नम:

103- ऊँ श्री यशस्कर्ये नम:

104- ऊँ श्री योगंमायायै नम:

105- ऊँ श्री योगश्वरप्रियायै नम:

106- ऊँ श्री सर्वतो भद्रायै नम:

107- ऊँ श्री सौम्यायै नम:

108- ऊँ श्री शुक्लांबरा नम:

Web Title: Know which name of goddess you should chant in mahalakshmi vrata

Get Latest  Marathi News ,  Maharashtra News and  Marathi News from Politics,  Election News ,  Sports News ,  Entertainment News,  Business News and   Religion News  only on Navarashtra.com

Published On: Sep 13, 2024 | 04:55 AM

Topics:  

  • dharm

संबंधित बातम्या

Pradosh Vrat 2026: अधिक महिन्यातील पहिले प्रदोष व्रत कधी? जाणून घ्या मुहूर्त, पूजा पद्धत आणि महत्त्व
1

Pradosh Vrat 2026: अधिक महिन्यातील पहिले प्रदोष व्रत कधी? जाणून घ्या मुहूर्त, पूजा पद्धत आणि महत्त्व

Shiv Purana: शिवपुराण म्हणजे काय? जाणून घ्या शिवपुराण पठणाचे महत्त्व, पूजा पद्धत आणि कथा
2

Shiv Purana: शिवपुराण म्हणजे काय? जाणून घ्या शिवपुराण पठणाचे महत्त्व, पूजा पद्धत आणि कथा

भागीरथाच्या तपश्चर्येमुळे पृथ्वीवर अवतरली गंगा; भगवान शिवांनी जटांमध्ये का धारण केला तिचा प्रवाह
3

भागीरथाच्या तपश्चर्येमुळे पृथ्वीवर अवतरली गंगा; भगवान शिवांनी जटांमध्ये का धारण केला तिचा प्रवाह

Garuda Purana: रात्री अंत्यसंस्कार केल्यास आत्म्याला मोक्ष मिळत नाही? जाणून घ्या गरुड पुराणातील धार्मिक श्रद्धा
4

Garuda Purana: रात्री अंत्यसंस्कार केल्यास आत्म्याला मोक्ष मिळत नाही? जाणून घ्या गरुड पुराणातील धार्मिक श्रद्धा

Popular Sections

  • देश
  • विदेश
  • लाईफस्टाईल
  • मनोरंजन
  • क्रीडा
  • व्यापार
  • वेब स्टोरीज

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपूर
  • ठाणे
  • नाशिक
  • रत्नागिरी
  • पालघर
  • रायगड

More

  • धर्म
  • ऑटो
  • करिअर
  • व्हायरल
  • फोटो
  • नवराष्ट्र विशेष
  • टेक
  • व्हिडिओ

Follow Us On

Contact Us About Us Privacy Policy
Hindi News Epaper Marathi Epaper Hindi RSS Sitemap Author

© Copyright Navarashtra 2026 All rights reserved.